CG Crime : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में चोरी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसमें अपराध की कमाई से लग्जरी कार खरीदी गई और उसकी किश्तें भरने के लिए फिर चोरी का रास्ता अपनाया गया। कोरबा से बाइक पर सवार होकर बिलासपुर के ग्रामीण इलाकों में सूने मकानों को निशाना बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसीसीयू और कोटा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने पाली में एक और कोटा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नौ मकानों में चोरी करना स्वीकार किया है।
सीसीटीवी फुटेज से खुला चोरी का राज
पिछले कुछ समय से कोटा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दिनदहाड़े सूने मकानों से सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी होने की घटनाएं सामने आ रही थीं। लगातार हो रही वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस की टीम कोरबा पहुंची, जहां से तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में चोरी की कई वारदातों का खुलासा हुआ।
छह लाख के जेवर और नकदी बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर करीब छह लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, 1.30 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई एक बुलेट और एक अन्य बाइक बरामद की गई है। इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदी गई क्रेटा कार भी जब्त की गई है।
पूर्व प्राचार्य भी गिरोह में शामिल
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद कुमार वासुदेव, भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी और राज प्रजापति के रूप में हुई है। तीनों कोरबा के मानिकपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, भूपेंद्र राठौर पहले एक स्कूल में प्राचार्य रह चुका है। वहीं, मामले के मास्टरमाइंड विनोद वासुदेव ने चोरी की रकम से क्रेटा कार खरीदी थी और उसकी किश्तें चुकाने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के खुलासे की उम्मीद है।

