Sanju Tripathi murder case : बिलासपुर । सरेराह गोलियां दागकर की गई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस कोर्ट में सबूत पेश नहीं कर पाई और कोर्ट से बहुचर्चित संजू त्रिपाठी हत्याकांड में सभी 22 आरोपी बरी कर दिए गए। कोर्ट में पुलिस ना तो कॉल डिटेल, पैसों के लेन-देन, हथियारों की बरामदगी का पुख्ता वैज्ञानिक सबूत और ना ही आरोपियों के साजिश में शामिल होने का ठोस सबूत पेश कर पाई।
संपत्ति बंटवारे के विवाद में हत्या
पुलिस चार्जशीट के अनुसार दो सगे भाइयों में संपत्ति बंटवारे का विवाद में यह हत्याकांड हुआ था। इसी विवाद में मई 2022 में कांग्रेस नेता और पुलिस रिकार्ड में हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी ने छोटे भाई कपिल त्रिपाठी पर फरसे से हमला कर दिया था। गंभीर हालत में कपिल को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। पुलिस ने इसी घटना को हत्या की साजिश की सबसे बड़ी वजह माना था। पुलिस ने मृतक संजू के छोटे भाई कपिल त्रिपाठी कोही मुख्य साजिशकर्ता बताया था।
भाड़े के शूटर, फार्महाउस में प्लानिंग
पुलिस के मुताबिक कपिल त्रिपाठी ने ही हत्या के लिए 3 पिस्टल और 20 कारतूस जुटाए और अपने बड़े भाई संजू की हत्या के लिए उत्तर प्रदेश से भाड़े पर शूटर बुलाए। कपिल के ही फार्महाउस में प्लानिंग हुई और 14 दिसंबर 2022 को चार गाड़ियों से पूरी टीम सकरी बाइपास के लिए निकली। प्रसीन गुप्ता सफेद कार में भरत तिवारी, आशीष तिवारी और राजेंद्र ठाकुर के साथ था। वहीं विनय द्विवेदी उर्फ गुरुजी पुरानी नीली बलेनो चला रहा था। इस कार में कथित शूटर दानिश, पप्पू दाढ़ी और एजाज उर्फ सोनू सवार थे। उनके पास हथियार और कारतूस मौजूद थे। आरोपी सकरी बाइपास पर संजू की कार का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि संजू सफेद एमजी हेक्टर से आ रहा है।
कार अड़ाकर रोका और गोलियों से भून डाला
शाम करीब 4:10 बजे संजू की गाड़ी स्पीड ब्रेकर के पास पहुंची तो प्रसीन ने अपनी कार आगे लगाकर उसे रोक दिया। इसके बाद बलेनो से उतरे दानिश, पप्पू दाढ़ी, एजाज और विनय ने संजू की गाड़ी को घेर लिया। दानिश ने सबसे पहले ड्राइविंग सीट पर बैठे संजू पर गोली चलाई। इसके बाद बाकी हमलावरों ने भी अलग-अलग तरफ से उस पर फायरिंग की। पुलिस के अनुसार गोली मारने के बाद दानिश ने संजू की मौत की पुष्टि की और सभी आरोपी अलग-अलग गाड़ियों से उत्तर प्रदेश की तरफ भाग निकले।
संजू त्रिपाठी पर थे दर्जनों आपराधिक मामले
संजू त्रिपाठी की हत्या के बाद पुलिस ने उसके आपराधिक रिकॉर्ड का भी खुलासा किया था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, लूट, धमकी और तलवार लहराने जैसे अपराधों से जुड़े कई केस दर्ज थे। पुलिस ने अलग-अलग मौकों पर उसके खिलाफ 27 से अधिक आपराधिक मामलों का उल्लेख किया था। इनमें कुछ मामलों में पुलिस खुद शिकायतकर्ता थी।

