Bilaspur district library: बिलासपुर। प्रतियोगिता परीक्षाओं के वर्तमान दौर में सफलता हासिल करना किसी तपस्या से कम नहीं है। ऐसे समय में विद्यार्थियों के लिए सदियों पुरानी यह उक्ति—काग चेष्टा, बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी, गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणम्॥”—सिर्फ एक श्लोक नहीं, बल्कि अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। एकाग्रता, कड़ी मेहनत और सुख-सुविधाओं का त्याग आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में बेहद जरूरी है।
महंगी किताबों का बोझ छात्रों की मजबूरी
आजकल परीक्षाओं का पैटर्न ऐसा हो चुका है कि अभ्यर्थी अपनी तैयारी और तथ्यों की प्रमाणिकता सिद्ध करने के लिए प्रामाणिक स्रोतों की खोज में जुटे रहते हैं। इस चक्कर में वे महंगी-महंगी पुस्तकें खरीदने को मजबूर हैं। कई बार स्थिति यह होती है कि भारी-भरकम खर्च करके किताबें तो आ जाती हैं, लेकिन छात्र तत्कालिक रूप से उन्हें पूरा पढ़ भी नहीं पाते। घर से मिलने वाले सीमित पॉकेट मनी या खर्च का एक बड़ा हिस्सा इन किताबों पर ही व्यय हो जाता है। हालांकि, सही दिशा में तैयारी के लिए इन प्रामाणिक पुस्तकों का होना भी आवश्यक है, जो छात्रों के बजट पर भारी पड़ता है।
जिला ग्रंथालय की खास पहल
प्रतियोगी छात्रों की इसी बड़ी समस्या का एक बेहद किफायती और शानदार इलाज बिलासपुर में मौजूद है। शासकीय जिला ग्रंथालय (बिलासपुर) में सिविल सेवा, इंजीनियरिंग, मेडिकल से लेकर तमाम परीक्षाओं और साहित्य प्रेमियों के लिए पुस्तकों का एक बेहतरीन संसार तैयार किया गया है। अब छात्रों को हज़ारों रुपये खर्च करने की कोई जरूरत नहीं है।

ग्रंथालय में समृद्ध संग्रह
CGPSC, SSC, NEET और JEE का संपूर्ण संग्रह: यहाँ छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय परीक्षा CGPSC के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षाओं जैसे SSC, NEET और JEE से संबंधित सभी आवश्यक गाइड, प्रश्न बैंक और नवीनतम अध्ययन सामग्रियां उपलब्ध हैं।
शीर्ष पब्लिकेशंस की प्रामाणिक पुस्तकें: ग्रंथालय में मैकग्रॉ-हिल पब्लिकेशन की एम. लक्ष्मीकांत (संविधान) और माजिद हुसैन (भूगोल) जैसी प्रामाणिक किताबों के साथ-साथ छात्रों की पहली पसंद कहे जाने वाले दृष्टि प्रकाशन (Drishti Publication) और अरिहंत प्रकाशन (Arihant Publication) की भी सभी महत्वपूर्ण पुस्तकें विशेष रूप से उपलब्ध हैं।
साहित्य, कहानियां और उपन्यास: केवल प्रतियोगी परीक्षाएं ही नहीं, बल्कि पाठकों के मानसिक विकास और रुचि के लिए यहाँ विभिन्न प्रकार की कहानियां, प्रसिद्ध उपन्यास (Novels) और अन्य प्रतिष्ठित पब्लिकेशंस का भी विशाल संग्रह मौजूद है।
₹500 में आजीवन सदस्यता
इस सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी का लाभ उठाने के लिए छात्रों को कोई मासिक शुल्क नहीं देना है। केवल ₹500 की एकमुश्त राशि देकर कोई भी छात्र यहाँ की ‘आजीवन सदस्यता’ (Lifetime Membership) ले सकता है। यह राशि उन महंगी किताबों की कीमत के सामने बेहद मामूली है, जिन्हें छात्र बाजार से खरीदते हैं।
ग्रंथालय का समय
तैयारी करने वाले पाठकों की सुविधा को देखते हुए ग्रंथालय कार्यालयीन दिवसों (Working Days) में दो पालियों में संचालित होता है:
सुबह: 08:00 बजे से 11:00 बजे तक
शाम: 04:00 बजे से 06:00 बजे तक
संपर्क एवं पता (Address)
ग्रंथालय का लाभ उठाने के लिए छात्र नीचे दिए गए पते पर सीधे संपर्क कर सकते हैं:
शासकीय जिला ग्रंथालय, स्वामी आत्मानंद स्कूल (SAGES) तिलकनगर परिसर, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)









