• गुरुवार रात हुई तेज बारिश, अभी भी कई इलाके जलमग्न
Boats on city streets : बिलासपुर (fourthline)। बिलासपुर में 20 साल बाद ऐसी बारिश हुई कि अस्सी फ़ीसदी इलाका जलमग्न हो गया। पहली बार कलेक्टर बंगले में पानी भर गया। शहर में पहली बार मोटर बोट चली और सरकंडा में नाव के जरिए लोगों को आना-जाना पड़ा ।भारी बारिश के दौरान 168 वर्षीय महिला अरपा नदी में बह गई । शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न है और राहत कार्य जारी है ।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को दिए फील्ड में रहने के निर्देश
जिले में तेज बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज की सभी बैठकें निरस्त कर दी। उन्होंने सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि कई स्थानों से 3 से 4 फीट तक पानी भरने की सूचना प्राप्त हो रही है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
नगर निगम और जनपद पंचायत के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लें।

उन्होंने संबंधित वर्क्स विभाग के अधिकारियों को सड़क, नदी और नालों की स्थिति का निरीक्षण करने तथा पानी के बहाव का आकलन करने के निर्देश दिए। जहां बैरिकेडिंग अथवा अन्य स्थानीय व्यवस्थाओं की आवश्यकता हो, वहां तत्काल आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए सभी अधिकारी जरूरतमंद लोगों के संपर्क में रहें और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करें। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से भी लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
पानी में डूबा जनता का विश्वास: शैलेश
पूरे शहर में हुई भारी बारिश के बाद जलभराव से लोगों के घरों और मोहल्लों में पानी भर गया । इस स्थिति पर पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने कहा कि “बिलासपुर स्मार्ट सिटी नहीं, डूबा बिलासपुर बन गया है। थोड़ी सी बारिश ने नगर निगम, स्मार्ट सिटी परियोजना और करोड़ों रुपये के सफाई कार्यों की सच्चाई जनता के सामने आ गई है। जिस सफाई का ढिंढोरा पीटा गया, वे इस बारिश में बह गईं।”
उन्होंने कहा कि “आज हालात ऐसे हैं कि लोगों के घरों में पानी घुस गया। लोगों के घरों की फर्नीचर खराब हो गई। कई घरों में खाना तक नहीं बन पाया। घरों का सामान पानी में तैरता दिखाई दिया । सड़कें तालाब बन गईं। यहाँ तक कि न्यायलय के न्यायाधीश के कमरे तक में पानी भर गया। व्यापार ठप गया और आम नागरिक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर विधायक और महापौर कहीं दिखाई नहीं दिखे।

विधायक अमर अग्रवाल से “बिलासपुर की जनता ने विकास के बड़े-बड़े दावे सुने थे, लेकिन आज पूरा शहर सबकुछ देख भी लिया। यह सिर्फ सड़कों पर जमा पानी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के डूबने का प्रतीक है। पूरे शहर में नाव चलाने जैसी स्थिति बन गई । कहीं तो नाव का भी सहारा लिया गया है,ये बात कोई बिलासपुर के लिए वैभव की बात नहीं है, यह स्थिति शहर के लिए शर्मनाक है ।
उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि शहर की जल निकासी व्यवस्था पहली बारिश भी नहीं झेल पा रही है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। निगम प्रशासन वीआईपी लोगों के घरों से मशीन लगाकर पानी निकाल रहा है। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत, जल निकासी की व्यवस्था और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए स्थायी योजना बनाना चहिए।









