CSMCL Overtime Scam : रायपुर। आबकारी विभाग के अधीन गठित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) में हुए कथित 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष न्यायालय ने आरोपी को 20 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, पूछताछ में रसूखदार अधिकारियों और नेताओं के नामों का खुलासा होने की पूरी संभावना है। 

CSMCL Overtime Scam :   छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के जरिए ही  दुकानों में शराब की सप्लाई होती है। यह ओवरटाइम घोटाला  मामला सीधे तौर पर राजस्व और सरकारी खजाने में हुई बड़ी वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है। मैनपावर एजेंसियों के माध्यम से प्लेसमेंट कर्मचारियों के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी भुगतान कर उसे कथित कमीशन नेटवर्क में खपाया गया।

शराब घोटाले की जांच में मिला इनपुट

इस पूरे मामले की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को हुई थी, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर में तीन संदिग्धों से 28.80 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। ईडी से मिले इनपुट के आधार पर ईओडब्ल्यू-एसीबी ने एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। जांच में सामने आया कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच नियमों को ताक पर रखकर कर्मचारियों के ओवरटाइम, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर निजी मैनपावर एजेंसियों को 182.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। 

12 पर  पहले ही चार्जशीट

इस घोटाले के दायरे में सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रासर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर साल्यूशंस जैसी बड़ी मैनपावर एजेंसियां शामिल हैं। ईओडब्ल्यू इस बात की तस्दीक कर रही है कि इन स्वीकृत भुगतानों में से वास्तविक कर्मचारियों तक कितनी राशि पहुंची और सिंडिकेट के माध्यम से कितना हिस्सा कमीशन के तौर पर बांटा गया। मामले में अनवर ढेबर और नवीन प्रताप सिंह तोमर समेत 12 आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

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