Karwa Chauth Moon : बिलासपुर। देश के कई राज्यों में अर्नब चक्रवात के असर के कारण तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में 28 अक्टूबर से ही लगातार बारिश का दौर जारी है, और 29 अक्टूबर को भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसी दिन सुहागिनों का बेहद खास पर्व करवा चौथ भी है। महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को चांद का दीदार कर व्रत पूरा करती हैं, लेकिन खराब मौसम और बादलों के कारण चांद दिखने के आसार कम हैं।
भारत के विशाल भौगोलिक विस्तार के कारण देश के पूर्वी और पश्चिमी छोर के राज्यों में चंद्रोदय के समय में एक घंटे से अधिक का बड़ा अंतर है। परंपरा और खगोल विज्ञान के अनुसार, सबसे पहले पूर्व दिशा में बसे राज्यों के लोग चांद के दर्शन करते हैं, जबकि पश्चिम में स्थित शहरों के लोगों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ता है। कोलकाता से लेकर मुंबई तक चंद्रोदय के इस क्रम में बड़ा समय अंतराल रहता है।
करवा चौथ के दिन चंद्रोदय
देश के पूर्वी हिस्से यानी कोलकाता में सबसे पहले रात 7 बजकर 42 मिनट पर चंद्रोदय होगा। इसके बाद देश की राजधानी नई दिल्ली में रात 8 बजकर 12 मिनट पर चांद नजर आएगा। वहीं, देश के पश्चिमी छोर पर स्थित आर्थिक राजधानी मुंबई में रात 8 बजकर 56 मिनट पर चंद्रदर्शन हो सकेंगे। केवल कोलकाता और मुंबई जैसे दो बड़े महानगरों के बीच ही चंद्रोदय के समय में 1 घंटे 14 मिनट का अंतर है।
क्षितिज पर आने में चांद को लगता है समय
खगोल विज्ञानियों के अनुसार जब चंद्रमा क्षितिज पर प्रकट होता है, तो उसे पूरी तरह ऊपर आने में कुछ मिनटों का समय लग जाता है। इसके अलावा, यदि आपके घर की छत या आंगन के सामने कोई बड़ी इमारत, ऊंचे पेड़ या अन्य बाधाएं हैं, तो चांद को साफ देखने के लिए उसके थोड़ा और ऊपर उठने का इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में चंद्रदर्शन के लिए 15 मिनट तक का अतिरिक्त समय भी लग सकता है।
मौसम खराब रहने पर क्या करें
चक्रवाती तूफान और बारिश के कारण इस बार कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाए रहने की आशंका है। ऐसे में यदि आपके शहर में बादलों के कारण चांद सीधे तौर पर दिखाई न दे, तो विज्ञान और परंपरा के समन्वय से एक व्यावहारिक उपाय अपनाया जा सकता है। व्रती महिलाएं अपने शहर के निर्धारित चंद्रोदय के समय के बाद पूर्व-उत्तर दिशा को आधार मानकर और वहां चंद्रमा की उपस्थिति मानसिक रूप से स्वीकार करते हुए अर्घ्य अर्पित कर अपना व्रत पूर्ण कर सकती हैं।
विभिन्न राज्यों और शहरों में चंद्रोदय
देश के विभिन्न राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में चंद्रोदय का क्रम पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ता है। पूर्वी राज्यों (बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़) में मध्य और पश्चिमी भागों की तुलना में जल्दी चांद निकलता है। इसके बाद मध्य और उत्तरी राज्यों (मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश) में रात 8:00 बजे से 8:25 बजे के बीच अलग-अलग शहरों में चंद्रदर्शन होंगे। सबसे अंत में पश्चिमी राज्यों (पंजाब, राजस्थान, गुजरात) के नगरों में रात 8:30 के बाद चांद दिखाई देगा।
चंद्रोदय के समय में अंतर का कारण
अलग-अलग शहरों में चांद निकलने के समय में अंतर क्यों होता है, इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक वजह है। पृथ्वी गोल है और यह अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाती है। चूंकि भारत का देशांतर विस्तार बहुत बड़ा है, इसलिए जो जिले सुदूर पूर्व में स्थित हैं, वहां पृथ्वी के घूमने के कारण चंद्रमा क्षितिज पर सबसे पहले नजर आता है। जैसे-जैसे पृथ्वी आगे घूमती है, पश्चिम में स्थित जिलों में चंद्रमा क्रमशः बाद में दिखाई देता है।
सुहागिनों के लिए व्रत पूरा करने का समय
अर्नब तूफान के कारण इस बार करवा चौथ के दिन मौसम की स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण जरूर हो सकती है, लेकिन महिलाओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। मौसम के मिजाज को देखते हुए यह सलाह दी जाती है कि सभी व्रती महिलाएं अपने स्थानीय समयानुसार और रेलवे या मौसम विभाग के साथ-साथ खगोलीय समय सारणी का ध्यान रखें। यदि मौसम साथ न भी दे, तो घबराने की जरूरत नहीं है; निर्धारित समय पर विधि-विधान से पूजा कर और मानसिक रूप से चंद्रमा को अर्घ्य देकर इस पवित्र व्रत को संपन्न किया जा सकता है।

