NH Substandard construction : बिलासपुर। 510 करोड़ रुपये की लागत से बन रही NH-45 फोरलेन सड़क का पहली ही बारिश में ये हाल हो गया है कि लोगों के लिए पैदल चलना भी दूभर हो गया है। । बिलासपुर से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही होते हुए केंवची तक जाने वाली इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, दलदल और दरारें पड़ गई हैं। सड़क की बदहाली को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों एक साथ सड़क पर उतरने की बात कर रहे हैं। 

NH Substandard construction : इस निर्माणाधीन सड़क को बारिश के पहले तक दुरुस्त कर लेना था, मगर पहली बारिश में ही इसका जो हाल हुआ है उससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क पर कितना कम हुआ है। केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है, तो विधायक अटल श्रीवास्तव ने आंदोलन का ऐलान कर दिया।

NH Substandard construction :    रतनपुर-केंदा-केंवची मार्ग के निर्माणाधीन करीब 40 किलोमीटर हिस्से की हालत सबसे खराब है। इसमें लालपुर से मझवानी और केंदा तक सड़क धंस गई है, डामर उखड़ गया है और 5 से 10 फीट लंबी दरारें पड़ी हैं। बारिश के बाद कई जगह कीचड़ और बड़े गड्ढे बन गए हैं। ओवरलोड कोयला वाहनों से स्थिति और बिगड़ गई और अब तो घंटों जाम लग रहा है।

NH Substandard construction : इस मार्ग से गुजरने वालों ने बताया कि जिस सफर को पहले 2.5 से 3 घंटे में पूरा किया जाता था, अब वही 6 से 8 घंटे लग रहे हैं। कई जगह 2-3 KM तक वाहनों की कतार लगी रहती है। GPM दौरे पर आए केंद्रीय नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने अधिकारियों से बात की और साफ कहा–”सड़क को जल्द चलने लायक नहीं बनाया गया तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दूंगा।” कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा – “सड़क जनता के लिए बन रही है। गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।”

NH Substandard construction :   सूत्रों के मुताबिक इस सड़क के निर्माण का ठेका कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री के परिवार से जुड़ी कंपनी को मिला है।   केंदा घाट, टिंगीपुर, बांसाझाल के पास हालात सबसे खराब हैं। निर्माणाधीन पुल-पुलियों की वजह से बनाए गए डायवर्सन रास्ते बारिश में दलदल बन गए। 2 अगस्त को बांसाझाल का 35 साल पुराना पुल दो हिस्सों में टूट गया था। एक बस भी फंस गई थी। अब वैकल्पिक मार्ग पर भी बसें गड्ढों में धंस रही हैं।

लोगों का मत बेस ही कमजोर

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के बेस में मजबूती नहीं है। मिट्टी-मुरूम का इस्तेमाल मानक के अनुसार नहीं हुआ और न ही ठीक से निर्माण  किया गया, जिसके कारण बारिश और भारी वाहनों के दबाव से सड़क बैठ गई। यह सड़क बिलासपुर को GPM, मनेंद्रगढ़, अमरकंटक, अनूपपुर से जोड़ती है और आगे बनारस, प्रयागराज तक जाता है। कोयला और मालवाहक वाहनों के लिए भी जरूरी है।  सड़क चलने लायक नहीं होने से पूरे क्षेत्र का ट्रांसपोर्ट प्रभावित हो रहा है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल की बैठक में अधिकारियों से सड़क को जल्द चलने योग्य बनाने के निर्देश दिए हैं लेकिन लगातार बारिश के कारण मरम्मत भी संभव नहीं हो पा रहा है।

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