• मैनपाट में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं, हो रही उपेक्षा
बिलासपुर (fourthline) प्रेस क्लब के पहुना कार्यक्रम में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक गुरु बी आर यादव हैं और जमीनी संघर्ष करना उन्होंने भूपेश बघेल से सीखा। उन्होंने साय सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ घोषणाओं पर चल रही है।
Pahuna press club : विधायक अटल श्रीवास्तव ने अपने राजनीतिक जीवन के कई पहलू साझा किये। छात्र राजनीति से शुरू होकर अरपा संघर्ष समिति और फिर बी आर यादव के करीबी रहकर उन्होंने राजनीति को समाज सेवा का माध्यम बनाया। उन्हें 1998 में शहर कांग्रेस कमेटी का महामंत्री बनाया गया। 14 साल तक संगठन में काम करने के बाद 2014 में उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महामंत्री की जिम्मेवारी मिली। 2018 में विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं मिला। भूपेश बघेल टिकट दिलाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अफसोस भी जताया था। 2019 में उन्हें लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया लेकिन परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया। उन्हें छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भूपेश सरकार ने दी। उन्होंने राज्य में पर्यटन विकास के लिए काम किया।
Pahuna press club : अटल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली ताकत जल जंगल जमीन और आदिवासी संस्कृति है श्रीराम वनगमन पथ से पर्यटन को लेकर बस्तर के चित्रकूट, सरगुजा के मैनपाट, चरण कमल और कंगरवेली तक को बेहतर पर्यटन सर्किट से जोड़ने की जरूरत है। वर्तमान सरकार में यह काम नहीं हो रहा है। मौजूदा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर उन्होंने स्वास्थ्य शिक्षा और सड़कों की स्थिति पर कई सवाल उठाए। वनांचल क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू की रोकथाम, स्कूलों में शिक्षकों की कमी, विकास कार्यों की धीमी गति की चर्चा करते हुए उन्होंने असंतोष व्यक्त किया।
Pahuna press club : शिक्षा से सिविल इंजीनियर अटल श्रीवास्तव क्रिकेट में राज्य स्तरीय स्पर्धा खेल चुके हैं। बैडमिंटन में विश्वविद्यालय स्तर पर और तैराकी में भी राज्य स्तर पर खेल चुके हैं ।उनका मानना परिवार और राजनीति के बीच संतुलन एक चुनौती है। वे अपने परिवार के लिए पूरा समय निकालने की कोशिश करते हैं। महीने में एक बार छुट्टी पर ले जाते हैं। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र कोटा की सड़कोंकी समस्या का जिक्र किया और कहा कि सरकार द्वारा की गई घोषणाएं अभी तक पूरी नहीं हुईं ।









