Rampage by Elephants: अंबिकापुर (fourthline )। सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में हाथियों का उत्पात थम रहा है l11 हाथियों के दल ने कल देर रात भारी उत्पात मचाया और 50 एकड़ से ज्यादा फसल नष्ट कर दी । घबराए हुए ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं । वन विभाग का अमला सक्रिय हुआ है और हाथियों पर लगातार नजर रख रहा है।
रतजगा करने ग्रामीण मजबूर
वन परिक्षेत्र उदयपुर में हाथियों का आतंक लगातार जारी है। ग्राम चकेरी के तिंदवारी में जंगल में निकले एक लोनर हाथी ने खूंटे से बंधी भैंसो पर हमला कर दिया। हमले में एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है ।

बंधी हुईं भैंसों पर हमला
तिंदवारी निवासी जगत राम रोज की तरह अपनी छह-सात भैंसों को घर के बाहर बाँधकर रखते थे। देर रात हाथी ने भैंसो पर हमला कर दिया । खूंटे से बंधे होने के कारण भैंसो को भागने का मौका नहीं मिल पाया। इस हमले में एक की मौत हो गई और ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गई। गांव के लोग आग और टॉर्च के सहारे हाथी को भगाने की कोशिश करते रहे।
हाथियों से सुरक्षा पर सवाल
वन विभाग का अमला सक्रिय हुआ है और हाथियों को खदेडने में जुट गया है । हाथियों से सुरक्षा के वन विभाग के प्रयासों पर सवाल उठ रहे हैं। हाथियों का लोकेशन ट्रेस कर जान-माल की सुरक्षा के लिए लोगों को अलर्ट करने कि पूरा सिस्टम फेल नज़र आ रहा है, जिसे लेकर प्रभावित ग्रामीणों में भारी रोष है। कुछ दिनों पहले भी इसी क्षेत्र में हाथियों ने उत्पात मचाया था।
मंत्री ने दिए थे निर्देश, कुछ न हो सका
क्षेत्रीय विधायक और सरकार में मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्भरभावित क्षेत्र का दौरा भी किया था। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि हाथियों से जान-माल की सुरक्षा के लिए वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। हाथियों से हुए नुकसान का पूरी क्षतिपूर्ति की जाएगी। कुछ ही दिन ही बीते थे कि हाथी दोबारा आबाद क्षेत्र में घुस आए और वन विभाग का अमला कुछ नहीं कर सका।

