• 4 जून को खुलेगा प्रत्याशियों के भाग्य का पिटारा

Urban Local Body Elections सूरजपुर। शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव में लगभग 85 प्रतिशत मतदान होने के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है।  अब जीत-हार के दावों, समीकरणों और चर्चाओं ने माहौल को और गर्म कर दिया है। विश्रामपुर से लेकर शिवनंदनपुर तक चाय चौपालों, होटलों, पान ठेलों और बाजारों में एक ही चर्चा  है,नगर पंचायत की कमान आखिर किसके हाथों में जाएगी ?

Urban Local Body Elections : अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के रितेश जायसवाल, कांग्रेस के संजय सोनी और आम आदमी पार्टी के सतपाल साहू मैदान में रहे। हालांकि यह चुनाव मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच ही सिमटा नजर आया। मतदान के बाद दोनों दलों के समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक गलियारों में हार-जीत के आंकड़ों और संभावित परिणामों को लेकर लगातार चर्चा जारी है।
सबसे ज्यादा निगाहें वार्ड क्रमांक 03, 08 और 15 पर टिकी हुई हैं। इन वार्डों में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प और कांटे का माना जा रहा है।

Urban Local Body Elections : प्रचार के दौरान यहां दोनों प्रमुख दलों ने पूरी ताकत झोंकी थी, वहीं मतदान के बाद भी इन्हीं वार्डों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं और कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि इन वार्डों का जनमत कई नेताओं के दावों और चुनावी रणनीतियों की असली परीक्षा साबित कर सकता है। समर्थकों के बीच लगातार चल रहे दावे-प्रतिदावे और चर्चाओं ने इन वार्डों को चुनावी बहस का केंद्र बना दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में रोमांच और उत्सुकता बनी हुई है।

Urban Local Body Elections: दरअसल, ग्राम पंचायत से नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद हुए इस चुनाव को भाजपा और कांग्रेस ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों के कई बड़े नेताओं ने क्षेत्र में सभाएं, जनसंपर्क और रणनीतिक बैठकों के जरिए पूरी ताकत झोंक दी। ऐसे में अब केवल प्रत्याशियों की किस्मत ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े नेताओं की राजनीतिक साख भी मतदाताओं के फैसले से  तय होने वाली है।

Urban Local Body Elections : राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस चुनाव का परिणाम आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है। यही वजह है कि मतदान संपन्न होने के बाद भी दोनों प्रमुख दलों के खेमों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। समर्थकों के दावों और नेताओं के आत्मविश्वास के बीच अब सबकी निगाहें 4 जून की मतगणना पर टिक गई हैं।

Urban Local Body Elections : ईवीएम में कैद जनता का फैसला जब सामने आएगा, तब न सिर्फ नगर पंचायत की तस्वीर साफ होगी, बल्कि यह भी तय होगा कि चुनाव में पूरी ताकत झोंकने वाले किस दल और किन नेताओं की प्रतिष्ठा पर जनता ने अपनी मुहर लगाई है। यही वजह है कि शिवनंदनपुर में चर्चा सिर्फ चुनाव परिणाम की नहीं, बल्कि नेताओं की साख, राजनीतिक भविष्य और प्रतिष्ठा की भी हो रही है। 4 जून का दिन कई चेहरों की मुस्कान और कई नेताओं की बेचैनी का जवाब लेकर आएगा।

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