Bangladesh New President:   ढाका। बांग्लादेश में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर देश के 23वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। गुरुवार को जातीय संसद में हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें 255 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को 88 वोट हासिल हुए। कुल 349 सांसद मतदान के पात्र थे, जिनमें से 343 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। चुनाव परिणाम की घोषणा मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने की।

Bangladesh New President:   इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि 1991 के बाद पहली बार बांग्लादेश के राष्ट्रपति चुनाव में दो उम्मीदवार आमने-सामने थे। ओली अहमद लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के प्रमुख हैं और उन्हें जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय विपक्षी गठबंधन ने उम्मीदवार बनाया था। हालांकि संसद में BNP और उसके सहयोगियों के मजबूत बहुमत को देखते हुए फखरुल की जीत की संभावना पहले से ही काफी मजबूत मानी जा रही थी।

Bangladesh New President:  मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर लंबे समय से BNP के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। वह 2016 से पार्टी के महासचिव रहे और शेख हसीना के शासनकाल के दौरान विपक्ष के प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होती रही। BNP के सत्ता में लौटने के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने 13 अगस्त को राष्ट्रपति पद के लिए फखरुल के नाम की घोषणा की थी। इसके बाद उन्होंने पार्टी के महासचिव पद से इस्तीफा दिया।

Bangladesh New President:   बांग्लादेश का राष्ट्रपति पद मुख्य रूप से संवैधानिक और औपचारिक भूमिका वाला पद है, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता के दौर में इसका महत्व बढ़ जाता है। राष्ट्रपति देश के राष्ट्राध्यक्ष होने के साथ सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भी होते हैं। फखरुल ऐसे समय में राष्ट्रपति बने हैं, जब देश में सत्ता परिवर्तन के बाद नई राजनीतिक व्यवस्था आकार ले रही है।

भारत के साथ रिश्तों पर फखरुल का रुख?

भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर मिर्जा फखरुल का रुख टकराव के बजाय बातचीत और कूटनीति पर जोर देने वाला रहा है। उन्होंने दोनों देशों के बीच मतभेदों के बावजूद संवाद और सहयोग जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया है। ऐसे में उनका राष्ट्रपति बनना भारत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब नई BNP सरकार के साथ नई दिल्ली के सामने कई संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दे हैं।

शुक्रवार को शपथ लेंगे

राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के शपथ ग्रहण की तैयारी की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त की शाम उनके शपथ लेने की संभावना है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने उन्हें बधाई दी।

बांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय

मिर्जा फखरुल का राष्ट्रपति चुना जाना BNP की सत्ता में वापसी के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक और महत्वपूर्ण बदलाव है। फरवरी 2026 के आम चुनाव में BNP की जीत के बाद तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने और अब फखरुल के राष्ट्रपति बनने से पार्टी के दो प्रमुख नेताओं के हाथों में देश के शीर्ष संवैधानिक पद आ गए हैं।




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