CG High Court : बिलासपुर। बिलासपुर में हवाई सुविधा विस्तार से जुड़ी दो जनहित याचिकाओं की आज चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की खंडपीठ में पहली बार सुनवाई हुई। सुनवाई के प्रारंभ में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने बिलासपुर में एयरपोर्ट की आवश्यकता और छत्तीसगढ़ राज्य में बिलासपुर के महत्व और पिछले लगातार कई सालों से हाई कोर्ट में जनहित याचिकाओं की सुनवाई से खंडपीठ को अवगत कराया।
गौरतलब है कि जहां चीफ जस्टिस कृष्णा राम महापात्र हाल ही में छत्तीसगढ़ चीफ जस्टिस बने हैं वहीं जस्टिस संतोष शर्मा ने भी अभी ही जस्टिस का पदभार ग्रहण किया है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के अधिवक्ता अनुपम श्रीवास्तव से सवाल किया कि गत निर्देश के अनुरूप क्या आपके द्वारा नया शपथ पत्र दाखिल कर दिया गया है। यह भी कहा की शपथ पत्र स्पष्ट होना चाहिए तथा ऐसे अधिकारी का होना चाहिए जो निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल हो।
गौरतलब है कि एएआई पिछले काफी समय से राज्य सरकार द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट का ऑपरेशन प्रबंधन और विकास का कार्य लेने के प्रस्ताव पर स्पष्ट मत नहीं दे रही है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने भी कहा कि पिछली सुनवाई में दिए गए निर्देश के अनुसार वे भी एक शपथ पत्र दाखिल कर रहे हैं। इसे देखते हुए खंडपीठ ने मामले की सुनवाई अब 13 अक्टूबर को रखी है परंतु यह स्पष्ट कर दिया है कि बिलासपुर में हवाई सुविधा विस्तार के लिए आवश्यक कदम सभी स्टेक होल्डर को गंभीरता से उठाने चाहिए।

