• सांप पकड़ने के लिए रोज 40 से ज्यादा फोन
• अतुल कांत खरे
Snakebite cases increased : बिलासपुर (fourthline ) l इस साल छत्तीसगढ़ में अत्यंत जहरीला पहला भूरा करैत सांप बिलासपुर क्षेत्र में पकड़ा गया, जिसे जंगल में छोड़ दिया गया। राज्य में सर्पदंश के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। हालांकि समय पर उपचार मिल जाने से इनसे होने वाली मौतों में कमी आई है। भारत सरकार ने सांपों के डसने को एक अधिसूचित बीमारी घोषित कर सन 2030 तक इन मौतों को आधा करने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ में मिलने वाले 80% सांप जहरीले नहीं होते हैं, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा अत्यंत जहरीले करैत सांपों का निकलना आश्चर्यजनक है।

Snakebite cases increased : सर्प विशेषज्ञ बब्बू सोनी बताते हैं कि इस वर्ष अधिक बारिश से बिलों में पानी घुस जाने के कारण करैत सांप बड़ी संख्या में बाहर आए हैं। इस सांपों के काटने से सुई चुभने जैसा एहसास होता है। इसका न्यूरोटॉक्सिक जहर धीरे-धीरे आदमी को पैरालाइज कर देता है। अधिकांश मरीज नींद में ही मर जाते हैं और यदि बच गए तो जिंदगी भर के लिए उन्हें पैरालिसिस हो जाता है।
भूरी पटटी वाला खतरनाक करैत
भूरी पटटी वाला यह करैत अत्यंत खतरनाक होता है। इसके डसने का पता नहीं लगता क्योंकि बिल्कुल सुई की नोंक जैसे दांत होते हैं। इसके काटने के बाद आदमी का बचना मुश्किल होता है। समय पर उपचार मिल जाए तो भी पैरालिसिस होने का खतरा रहता है। बिलासपुर में मिला यह सांप डेढ़ से 2 मीटर तक लंबा था। यह प्रजाति अत्यंत खतरनाक होती है। यह शर्मिला सांप दिन में बाहर नहीं निकलता । यह अन्य सांपों को भी निगल जाता है। इसकी मुख्य पहचान यह है कि यह अन्य सांपों की तरह गोल नहीं होता बल्कि त्रिकोणीय होता है और रीढ की हड्डी उभरी हुई होती है, जो अलग दिखाई देती है। बिलासपुर में इस खतरनाक सांप को बिलासपुर के स्नेक मेन बब्बू सोनी ने ही रेस्क्यू किया और नजदीकी जंगल में छोड़ दिया।
नागलोक में सर्वाधिक मौतें
छत्तीसगढ़ का जशपुर नागलोक कहा जाता है। सबसे ज्यादा प्रकरण यहां के फरसाबहार से आते हैं। पत्थलगांव, बगीचा , कांसाबेल, जशपुर, मनोरा में बहुत से केस पहुंचते हैं लेकिन यहां एंटी वेनम इंजेक्शन उपलब्ध होने के कारण 90 फ़ीसदी लोगों की जान बच जाती है।
सरगुजा में अंधविश्वास के कारण मौतें
प्रदेश के सरगुजा क्षेत्र में अंधविश्वास अत्यधिक है इसके चलते ग्रामीण झाड़ फूंक में पड़ जाते हैं। इस सीजन में अंबिकापुर,सूरजपुर सहित आसपास के क्षेत्र में 300 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। हाल ही में बिलासपुर के पास कुकुडी कला में नौवी की छात्रा सुधा साहू को कोबरा ने डस लिया था। सिम्स लाने के पहले ही उसकी मौत हो गई क्योंकि परिजन सांप की तलाश में लग गए थे। सुधा को सोए अवस्था में कोबरा ने डस लिया था।

जिन घरों में चूहे वहां सांप का ज्यादा खतरा
स्नेक कैचर अंकिता पांडे के अनुसार घर में रखे अनाज और घरों में होने वाले चूहे सांपों का आकर्षित करते हैं इसलिए घर में साफ सफाई रखें और चूहे को नियंत्रित कर बाहर फेंक दें। जहरीले सांप रात में ज्यादा निकलते हैं इसलिए कभी भी जमीन पर ना सोएं और मच्छरदानी का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें।
बिलासपुर शहर और आसपास से रोज 50 से ज्यादा फोन साप पकड़ने के लिए
बिलासपुर में इन दिनों 10 से ज्यादा स्नेक रेस्क्यूअर सक्रिय हैं ,जो सांप पकड़ने के साथ-साथ खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सही जानकारी देने , अंधविश्वास को दूर करने और सांप के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं। इसमें महिलाएं और युवतियां भी आगे आ रही हैं । सरकंडा से बब्बू सोनी और अंकिता पांडे अब तक 50000 से ज्यादा सांप पकड़ चुके हैं। 10000 से ज्यादा सांप पकड़कर अंकिता पांडे अपना नाम लिम्का बुक में भी दर्ज करा चुकी हैं। तिफरा क्षेत्र में श्रीनिवास स्नेक रेस्क्यू करते हैं। उनका मानना है कि सर्पों का संरक्षण प्रकृति के लिए बहुत आवश्यक है। लोग डरकर इन्हें मार देते हैं,जो बिल्कुल गलत है। बिलासपुर के स्नेक रेस्क्यू अंकित कुमार, हरदीप राम रजक, राजू रैना, अजीता सहित अन्य लोग शामिल हैं ।

बिलासपुर में सांपों की 20 प्रजातियां
बब्बू सोनी बताते हैं कि बिलासपुर और आसपास के क्षेत्र में 20 प्रमुख प्रजातियों के साथ मिलते हैं। इनमें से अधिकांश जहरीले नहीं होते, लेकिन बिलासपुर एवं आसपास मिलने वाली सांप की प्रजातियां में लगभग 20 प्रजाति हैं! जिनमें से कुछ बेहद जहरीली होती है!जिसमें कोबरा, कामन करैत हैं l ब्राह्मणी अंधा साप भी बहुतायत से पाया जाता है जिसमें जहर नहीं होताl इसके अलावा यहां अहिराज और रसेल वाइपर पाया जाता है l अहिराज को धामन भी कहा जाता है!यह खेतों बगीचों और शहरी इलाकों में चूहे पकड़ने वाला विषहीन सांप है! इसके साथ ही बिलासपुर में बैनडिड वुल्फ, वुल्फ स्नेक कुकरी स्नेक, बडा केट स्नेक पाया जाता है! यह पहली बार है कि बिलासपुर में भूरी लाइन वाला अत्यंत जहरीला करैत पकड़ा गया है। यह पहला सांप है जो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मिला है।
सिम्स में 3 माह में 200 से अधिक सर्पदंश के केस
सिम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. लाखन सिंह बताते हैं कि सिम्स में पिछले तीन माह से 200 से ज्यादा केस आए हैं, जिनमें से अधिकांश की जान बचा ली गई। मानसून विदाई की ओर है लेकिन सर्पदंश के मामले आने का सिलसिला जारी है।सिम्स में जुलाई के 31 दिनों में सर्पदंश के 39 मामले आए थे। अगस्त में लगभग 50 मामले आए और सितंबर में 70 मामले आ चुके हैं।अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। उन्होंने बताया कि सांप काटने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लोग झाड़ फूंक में पड़ जाते हैं उन्हें तुरंत अस्पताल लाना चाहिए।
बिलासपुर में पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम
डॉ. लाखन सिंह ने बताया कि बिलासपुर में सिम्स में पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम उपलब्ध है और किसी घबराने की जरूरत नहीं है । बस लोग झाड़-फूंक के चक्कर में ना पड़े। लोग सीधे अस्पताल आ जाएं तो जिस तरह 90% की जान बचा रहे हैं बाकी 10% की भी बचा लेंगे।

