Surguja DMF Scam : अम्बिकापुर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबिकापुर की कोर्ट ने सरगुजा के जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमफ) मद में 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये की सरकारी राशि में हेराफेरी और बंदरबांट के मामले में 9 अफसरों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। इस मामले को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता अभय नारायण पाण्डेय ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था।
Surguja DMF Scam : फर्जीवाड़े का यह मामला ग्राम पंचायत केशवपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय में तीन निर्माण कार्यों से जुड़ा है। यहां गार्डन का सौंदर्यीकरण एवं सीसी रोड निर्माण 33 लाख 24 हजार रुपये की लागत से होना था। इसके अलावा प्रथम तल पर प्रयोगशाला, पुस्तकालय का नवीनीकरण व अहाता निर्माण के लिए 49 लाख 57 हजार रुपये, भू-तल पर प्राचार्य कक्ष, ऑफिस का नवीनीकरण एवं पार्किंग शेड लागत 49 लाख 52 हजार रुपये, कुल स्वीकृत राशि 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये थी। इसमें से 48 लाख 36 हजार 544 रुपये का भुगतान 1अगस्त 2023 को मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन बिल्डर्स एंड कॉन्ट्रेक्टर को आरटीजीएस के जरिए किया गया।
शर्तों का किया खुला उल्लंघन
तीनों प्रशासनिक स्वीकृति शर्तों के साथ जारी हुई थी। आरोप है कि, इन शर्तों का पालन नहीं किया गया। खुली निविदा, इस्टीमेट, कोटेशन की प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया गया। आईटी और जीएसटी की कटौती तक नहीं की गई। परिवादी ने जब ग्राम पंचायत केशवपुर से दस्तावेज मांगे तो सरपंच और सचिव ने बताया कि उन्हें जनपद कार्यालय बुलाकर उनके खाते में राशि ट्रांसफर की गई और अधिकारियों के चेक से भुगतान करने कहा गया। मामले में आरोपी बनाए गए एक फर्म का यहां कोई बिल व्हाउचर ही नहीं है जिससे साबित होता है कि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के फर्जी फर्मों को कार्यादेश दिया गया।
जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा उजागर फिर भी…
इस पूरे मामले की शिकायत पर कलेक्टर सरगुजा ने चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया। आरोप है कि जांच में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद भी अधिकारियों ने आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाया और अपराध को छिपाने के लिए मनमाना जांच प्रतिवेदन तैयार किया। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाते हुए धारा 34, 120बी, 201, 409, 420, 467, 468 एवं 471 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया है।
इन पर एफआईआर के आदेश –
सुरेश्वर नाथ तिवारी (तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ), विवेक प्रताप सिंह राठौर (उप अभियंता),
उपेंद्र सिंह सेंगर (तत्कालीन प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी एवं वर्तमान उप अभियंता), शैलेंद्र मिश्र (तत्कालीन लिपिक), राम प्रकाश यादव (तत्कालीन पंचायत सचिव), इम्तान सिंह (तत्कालीन सरपंच), सुयश अग्रवाल (व्यवसायी), अरविंद कुमार अग्रवाल (व्यवसायी), संबंधित निर्माण एजेंसी संचालक।

