Payodhi story in Telangana Hindi textbook: भोपाल। हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार लक्ष्मीनारायण पयोधि की कहानी ‘घोंसले का घमंड’ अब तेलंगाना राज्य में इंटरमीडिएट फर्स्ट इयर के विद्यार्थी अपनी हिन्दी पाठ्यपुस्तक ‘साहित्य दर्पण’ में पढ़ेंगे। यह कहानी उनके बालकथा संग्रह घोंसले के घमंड से ली गई है।
Payodhi story in Telangana Hindi textbook: तेलुगू अकादमी,हैदराबाद द्वारा प्रकाशित द्वितीय भाषा : भाग दो,संप्रेषणीय हिन्दी की इस पुस्तक के लिये पाठ्यपुस्तक निर्माण समिति,तेलंगाना इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड द्वारा लक्ष्मी नारायण पयोधि की इस शिक्षाप्रद कहानी ‘घोंसले का घमंड ‘का चयन उनके बालकथा संग्रह ‘घोंसले का घमंड’ से किया गया है।
Payodhi story in Telangana Hindi textbook: उल्लेखनीय है कि साहित्य की विभिन्न विधाओं में पयोधि की 50 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और मध्यप्रदेश राज्य और सीबीएससी के हिन्दी पाठ्यक्रम में इनकी कविता,कहानी लेख इत्यादि – भाषा भारती (सातवीं),सहायक वाचन (छठवीं),दूर्वा ((सातवीं),रीडर आदि पाठ्यपुस्तकों में वर्षों से शामिल रहे हैं। पयोधि जनजातीय संस्कृति और भाषाओं के अध्येता के रूप में प्रतिष्ठित हैं और मध्यप्रदेश शासन के आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत वन्या प्रकाशन की लोकप्रिय मासिक बाल पत्रिका ‘समझ झरोखा’ के यशस्वी संपादक रह चुके हैं।
Payodhi story in Telangana Hindi textbook: जनजातीय संस्कृति पर केन्द्रित उनके आलेखों पर निर्मित अनेक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में प्रतिष्ठित टीवी चैनल ‘एपिक’,मुंबई और दूरदर्शन से से प्रसारित हो चुकी हैं। लंदन में बनी हिन्दी फ़िल्म ‘ऑपरेशन मेफ़ेयर’ में शामिल पयोधि के गीत ‘ख़्वाहिशें रूह की…’ को प्रसिद्ध म्यूजिक कंपनी ‘टी-सीरीज़’ (मुंबई) द्वारा जारी किया गया है। म्यूजिक कंपनी ‘रेड रिबन’ (मुंबई) ने भी उनकी ‘हिफ़ाज़त’ सहित कई ग़ज़लें जारी की हैं।
Payodhi story in Telangana Hindi textbook: पयोधि की काव्यकृतियाँ ‘सोमारू’,’लमझना’ और काव्यनाटक ‘गुण्डाधूर’,’जमोला का लमझना’ विशेष रूप से चर्चित हैं।उनके साहित्य पर विभिन्न विश्वविद्यालयों से पीएचडी की उपाधियाँ प्राप्त की जा चुकी हैं। इनके अलावा उनके साहित्य पर पाँच आलोचना-ग्रंथ और जीवन पर केन्द्रित एक खण्डकाव्य ‘पद्म पयोधि’ विभिन्न मनीषियों द्वारा लिखे जा चुके हैं।









