
Commemoration IPS Vijay Shankar Choubey: भिलाई नगर । स्थानीय आमदी नगर स्थित अगासदिया परिसर में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आई. पी.एस.अधिकारी स्वर्गीय विजय शंकर चौबे की पुण्यतिथि पर स्मरणांजलि सभा का आयोजन किया गया।
Commemoration IPS Vijay Shankar Choubey: इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके जीवन से जुड़ी प्रेरक स्मृतियों को साझा किया गया। वरिष्ठ साहित्यकारों और प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में अरुण अग्रवाल ने स्वर्गीय श्री चौबे के प्रभावशाली व्यक्तित्व से नई पीढ़ी को सीखने की प्रेरणा दी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.परदेशी राम वर्मा ने अपनी नव प्रकाशित पुस्तक *उज्जर धरती* की सौजन्य प्रतियाँ सभी उपस्थित जनों को भेंट की । यह पुस्तक छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों पर केन्द्रित है। अब्दुल कलाम ने स्वर्गीय चौबे जी से संबंधित अनेक प्रसंगों को याद किया।
Commemoration IPS Vijay Shankar Choubey: वरिष्ठ बाल साहित्यकार कमलेश चंद्राकर ने दमदारी पर अपनी कविता सुनाकर प्रभाव छोड़ा और चौबे जी के प्रेरक जीवन पर प्रकाश डाला। डॉ. विनायक अग्रवाल ने कहा कि एक छत्तीसगढ़ी व्यक्ति का इतने बड़े पद पर सुशोभित होना गर्व की बात है । स्वर्गीय श्री चौबे अनुशासनप्रिय ,मृदुभाषी और साहित्य प्रेमी होने के साथ साथ प्रभावशाली व्यक्तित्व के भी धनी थे। उन्होंने भूमिपुत्र नाटक के प्रदर्शन और साक्षरता अभियान में उनके योगदान को स्मरण किया।
Commemoration IPS Vijay Shankar Choubey: साहित्य संस्था सृजन के संस्थापक घनश्याम देवांगन ने अपने वक्तव्य में बताया कि 90 के दशक में साक्षरता अभियान के दौरान परदेशीराम वर्मा के साथ उन्हें कई बार स्वर्गीय चौबे जी से मिलने का अवसर प्राप्त होता रहा। जब वे ग्राम चेटुवा आए, तब उन्हें सृजनश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। समाज के कल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा उन्हें चौबे जी से मिली और वह आज भी सृजन के माध्यम से उनके विचारों और कार्यों को आगे बढ़ने का कार्य कर रहे हैं। श्री डोमार लाल साहू ने भी अपने संस्मरणों को साझा किया।
Commemoration IPS Vijay Shankar Choubey: डॉ परदेशी राम वर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में स्वर्गीय चौबे जी से जुड़े कई यादगार प्रसंगो की चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय चौबे जी में एक अच्छे संगठनकर्ता का विशिष्ट गुण था । उन्होंने कहा कि विजय शंकर चौबे जी प्रेरक शख्सियत के धनी थे, जिन्होंने जीवन के प्रति आसक्ति को नकार कर अपने कर्मों के द्वारा अमरता प्राप्त करने को एक नई परिभाषा दी। उन्होंने कहा मेरी रचनावली के भाग 5 में इसका उल्लेख है। डॉ.परदेशी राम वर्मा ने स्वर्गीय चौबे जी, देवदास बंजारे जी नारायण चंद्राकर जी और पवन दीवान जी जैसे प्रेरक व्यक्तित्व को भी याद किया।
Commemoration IPS Vijay Shankar Choubey: उन्होंने कहा कि औपचारिक आयोजनों से दूर रहकर अब हमारी संस्था ‘अगासदिया’ केवल आत्मीय और भावपूर्ण आयोजनों को ही प्राथमिकता देगी । संस्था द्वारा ऐसे महान और प्रेरक व्यक्तियों को स्मरण किया जाएगा , जिन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से नई पीढ़ी को गौरवान्वित किया है । कार्यक्रम का संचालन डॉ .रजनी नेल्सन ने किया। उन्होंने साक्षरता अभियान में स्वर्गीय चौबे जी के योगदान को स्मरण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की ।आभार प्रदर्शन श्री अब्दुल कलाम ने किया ।डॉ रजनी नेल्सन द्वारा * सुरंग के सात रंग* की प्रति सभी माननीय विद्वत जनों को भेंट की गई ।










