Embezzlement of CAMPA funds:    मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ वनमंडल में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। कैम्पा मद के तहत बिना कोई काम कराए कागजों पर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा कर मजदूरों को नकद भुगतान दिखाने का सनसनीखेज आरोप लगा है। अंबिकापुर निवासी एसएन. दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर शिकायत की है कि वन विभाग के अधिकारियों ने करीब 5.34 करोड़ रुपये की राशि  का गबन किया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और राशि वसूली की मांग की है।

Embezzlement of CAMPA funds:   मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत के अनुसार, मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के तहत दिसंबर 2021 में डब्ल्यू.बी.एम. (वाटर बाउंड मैकाडम) और अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर भारी गड़बड़ी की गई। परिक्षेत्राधिकारी (केल्हारी) एस.एस. कंवर, उप वनमंडलाधिकारी (केल्हारी) विवेकानंद झा, मनेन्द्रगढ़ वनमंडलाधिकारी और सरगुजा वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक अनुराग श्रीवास्तव पर आरोप है कि इन्होंने कैम्पा मद से विभिन्न क्षेत्रों (जैसे- डिहुली से कैलाशपुर पार्ट-2, बंजरावावा से हनुमानघाट पार्ट-2) में निर्माण कार्य दिखाए, जबकि  कोई काम ही नहीं हुआ। आरोप है कि स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देने के बजाय, बाहरी ‘कैंपिंग श्रमिकों’ के नाम पर फर्जी मस्टर रोल तैयार किए गए। छत्तीसगढ़ के वित्तीय नियम 82 का उल्लंघन करते हुए अनपेड प्रमाणकों को कैंपा मासिक लेखे में समायोजित कर ₹2.60 करोड़ का गबन किया गया।

नकद भुगतान पर सवाल

शिकायत में नकद भुगतान की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। नियमानुसार, 500 रुपये तक का ही नकद भुगतान किया जा सकता है। लेकिन अधिकारियों ने 500 रुपये प्रति श्रमिक की दर से कुल 2 करोड़ 22 लाख 83 हजार 225 रुपये (₹2,22,83,225) का नकद भुगतान कागजों में दिखा दिया। इतनी बड़ी राशि नकद बांटना, वह भी बिना बैंक खाते के, सीधे तौर पर गबन की ओर इशारा करता है। शिकायत में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच कैंपा और अन्य श्रमिकों के नाम पर कुल ₹5.34 करोड़ का फर्जी नकद भुगतान किया गया। इसमें दिसंबर 2021 में सबसे अधिक 2.60 करोड़ और फरवरी 2022 में 2.55 करोड़ रुपये का नकद भुगतान शामिल है।

आरटीआई से खुली पोल, कोई काम ही नहीं हुआ

इस गड़बड़ी का सबसे बड़ा सबूत वन विभाग का  ही एक पत्र है। शिकायतकर्ता ने जब सूचना के अधिकार  के तहत जानकारी मांगी, तो मनेन्द्रगढ़ वनमंडलाधिकारी के कार्यालय से 12 फरवरी 2025 (पत्र क्र. 297) को चौंकाने वाला जवाब मिला। इस पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि “जून 2020 से अक्टूबर 2023 तक कैम्पा मद से लेन्टाना उन्मूलन एवं नरवा विकास कार्य के तहत कोई काम नहीं कराया गया है। एक तरफ आरटीआई का जवाब कहता है कि कोई काम नहीं हुआ, वहीं दूसरी तरफ 15 नवंबर 2022 के एक अन्य दस्तावेज में करोड़ों रुपये का नकद भुगतान दर्शाया गया है। यह विरोधाभास साफ तौर पर साबित करता है कि काम केवल कागजों पर हुआ।

मुख्यमंत्री से कार्रवाई और राशि वसूल करने की मांग

शिकायतकर्ता ने अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री को यह शिकायत सौंपकर मांग की है कि इस पूरे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच हो। वन विभाग के जिन अधिकारियों ने संगठित होकर सरकारी राशि का गबन किया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और गबन की गई राशि की वसूली हो, ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार की पुनरावृत्ति न हो।

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