Snakebite compensation scam: बिलासपुर। सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच अब EOW करेगी। DGP अरुण देव गौतम ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक गड़बड़ी की विशेषज्ञ एजेंसी से जांच कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस महानिदेशक एक दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे थे।
Snakebite compensation scam: बहुचर्चित सर्पदंश मुआवजा फर्जीवाड़ा मामले में पत्रकारों चर्चा करते हुए कहा कि अब इस पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध की जांच में विशेषज्ञ एजेंसी करेगी। सरकारी नियम के अनुसार सर्पदंश से मौत पर परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता मिलती है। दरअसल बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने इसे विधानसभा में उठाते हुए सर्पदंश से मिलने वाले मुआवजे के प्रकरणों में घोटाले की आशंका जताई थी। जांच में सामने आया कि इस योजना का फायदा उठाने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया और सामान्य मौतों को सर्पदंश का बताकर करोड़ों रुपयों का मुआवजा निकालकर बांट लिया गया।
Snakebite compensation scam: इस फर्जीवाड़े में डॉक्टर, पुलिसकर्मी, तहसील कर्मचारी समेत अब तक 21 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसडीएम की रिपोर्ट पर FIR के बाद पुलिस ने राजस्व कर्मियों को पकड़ा। जांच बढ़ने पर तहसीलदारों को नोटिस भी भेजे गए। इसके बाद राजस्व संघों ने विरोध और आंदोलन की चेतावनी दी थी। डीजीपी अरुण देव गौतम ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी और दोषी चाहे किसी भी स्तर का हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में उठाया था मामला
सरकारी नियम के अनुसार सर्पदंश से मौत पर परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता मिलती है। सर्पदंश के मामले में 431 से अधिक प्रकरणों की जांच की जानी है, और अब तक 17 एफआईआर दर्ज हो चुकी है, वहीं 21 लोगों की गिरफ्तार किए जा चुके है। ये पूरा खेल 17 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि में फर्जीवाड़ा का है। । बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने इसे विधानसभा में उठाते हुए सर्पदंश से मिलने वाले मुआवजे के प्रकरणों में घोटाले की आशंका जताई थी। जांच में सामने आया कि इस योजना का फायदा उठाने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया और सामान्य मौतों को सर्पदंश का बताकर करोड़ों रुपयों का मुआवजा सरकार से लिया गया।









